कविता शायरी 

दिल टूट गया है

देख सखी! दिल टूट गया है,
मेरा सजन-सखा यूँ रूठ गया है।

ख़ता हुई न जाने क्या है,
किस बात की मुझको मिली सजा है।

कहते थे इश्क़ बेपनाह है,
ख़ुदा से हमने तुमको चुना है।

अब कहाँ गया वो इश्क़ पुराना,
तेरा खुदा से मुझको माँग लाना।

हर अदा पे मेरी मुस्कुराना,
साथ में मेरे वक़्त बिताना।

मेरे सपनों का एक महल बनाना,
और धीरे से मुझे छोड़ है जाना।

ख़ता तो है बस एक बहाना,
तुझे तो मुझसे दूर था जाना।

तुम बदल गए और चले गये,
हम ठहर गए और बिखर गये।

कुछ समय भी बीत गया है अब,
पर याद तेरी कुछ हुई ना कम।

कुछ तो है, जो बयाँ न होगा,
ये दर्द-ऐ-दिल कभी कम ना होगा।

तू लौट के आये या ना आये,
इंतज़ार तेरा अब मुझे ना होगा।

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3 Thoughts to “दिल टूट गया है”

  1. Jivnesh tyagi

    Waah kya baat h ladki, dil ki baat baat boldi ??????

    1. Umang Kaler

      He Jivnesh tyagi kya hoga apka ☹️☹️

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